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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 21 जून 2016

अगिला जनम

“डाँड़ टूटल जाइए भरि रा ति सूतलहुँ नहि बड़ तंग करै छ ी, अगिला जन्ममे अहाँ हिजड़ा
होएब जे कोनो आओर मौगीकेँ एना तंग नहि कए सकब।”
“ठ ीक छै ! अगिला जन्म अगिला जन्ममे देखल जेतै, एहि जन्मक आनन्द तँ लए लिअ ।  आ अगिला  जन्ममे ओहि हिजड़ाक  ब्याह जँ अहिँक संगे भए गेलहि तँ ।"

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