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जय मिथिला जय मैथिली

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गुरुवार, 20 मार्च 2014

भक्ति गजल


दर्शन दए हमरो तरू माँ
आशा हमर पूरा करू माँ

हम छी तुगर बेटा अहीँकेँ
छनमे भवानी दुख हरू माँ

नै पाठ पूजा विधि जनै छी
कोना चरण तोहर परू माँ

अछि चित्त चंचल मोन भटकल
जीवनक आशा की धरू माँ

नै खोलबै मैया नजरि पट
मनुकेँ हरत के ई गरू माँ

(मात्रा क्रम २२१२-२२१२-२)
जगदानन्द झा मनु

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