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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

गीत

माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ -2
हमर बात ध्यान सॅ सुन बौआ 
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ
माय छथि जग में देवी , पिता छथि भगवान रौ


सकल ब्रहम एहि रुप में आयल ,बात के रखियँ ध्यान रौ
दिनराति हुनकर सेवा करियन , करियन नहिं अपमान रौ
हुनकर पैर में स्वर्ग बसै छई , जानय ई जहान रौ
जौं मन लगा के सेवा करमें हेतौ बड़ पुन्य बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ -2
हमर बात ध्यान सॅ सुन बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ
सुति उठि सबदिन पहिने झुकबयिँ , माँ के आगू शीष रौ
कहिनो मुसीबत में तुँ रहम , काज करतौ माँ के आशीष रौ
ई बात तुँ एखन नहिं बूझमें , उमर एखन छौ बीस रौ
बात समझ में जहिया एतौ , उमर हेतौ चालीस रौ
माँ बाबू गेला के बाद मे , मन पड़तौ सब गुण बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ -2
हमर बात ध्यान सॅ सुन बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ
पेट के कारण तु बौआ , जा बैसलँह परदेष रौ
गाम के कहियो खबरि नहिं ले लँ , माँ पर कुन क्लेष रौ
तोरा देखेले व्याकुल छौ माँ , तु करय छँ ऐष रौ
साँझ भोर माँ कनय छौ बौआ घुमि आबय तु देष रौ
आशिक के तु बात जौं मानय अबियँ गाम से घुमि बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ -2
हमर बात ध्यान सॅ सुन बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ
माय बाप के सतबियँ जुनि बौआ -2


(तर्ज - डोन्ट टच माय गगरिया रंग रसिया )

गीत 
आशिक ’राज ’

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