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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

गीत - सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि

दिल अभागल रहति अछि , दिल पागल रहति अछि
किएक सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि
दिल दिल होयत अछि , मासूम दिल होयति अछि
तहियो सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि
गलती एकर एतबी दिल , दिलसॅ प्यार कएलक

तैं सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि
दिलस पूछू दिलके दर्द की होयति अछि
जे सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि
मजबूर अछि सब अपना दिलके आँगाँ
तहियो सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि
’आशिक’ अहाँ केकर सुनी दिलके की दिमागक
नहिं जानि  सब दिलके पाँछा लागल रहति अछि

आशिक ’राज’

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