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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

चहटगर गीत


पोर पोर तोहर रस सॅ भरल
यौवन भेलो निखार
सोलह बरस के उमर में सभ
मांगहि छौ प्यार
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी -2

अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
नाक में नथिया कान में बाली
गरिदनि अठन्नी मांग में लाली
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
अप्पन तु -2
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
हम्मर आत्मा जुड़ा दे गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
सोलहे बरस में तोहर निखरल छौ यौवन
देख क गे तोरा डोले सबहक मन
अपन बना ले सजना
बना ले
अपन बना ले सजना
तोरे नाम ल के धड़के अछि धड़कन
कहिया बने म हमरा अपन सजन
अपन बना ले बलमा
बनाले
अपन बना ले बलमा
अप्पन तु -2
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
हम्मर आत्मा जुड़ा दे गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
सभ दुनिया लुटा बैसलौं हम तोरा प्यार में
आब जिनगी हमर कटत सिर्फ तोरा इन्तजार मे
माने गे माने हमर बात तु गे मानय
अपना दिवाना के जल्दी पहचानय
हम तोहर दिवाना छी दुनिया ई जानय
कियै नहिं सजनी तु बात मानय
हो ........
जतेक लैला से मजनू , जतेक रांझा सॅ हीर
जतेक सोनी से महीवाल , जतेक फरहाद सॅ षीर
ओतेक प्रेम तोरा सॅ करे छी
हो .........
नयना से कनी तु नयना मिला ले
अपना दिल में हमरा बसा ले
तोरे हम -2
तोरे हम दुल्हिन बनेबो गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
नाक में नथिया कान में बाली
गरिदनि अठन्नी मांग में लाली
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
हमरा दिल में बसा ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
आ ..........................
हम्म हम्म हम्म हम्म हम्म
एकबेर त सुनि ले ......
गलती अछि एतेक हम्मर जे हम प्यार करी -2
अहूँ भरिसक ई मानि लेलौं
गलती अछि एतेक हम्मर जे हम प्यार करी
कियो बता के केलक त कियो छुपेलक प्यार
हुस्न के देख के सब के बाजय अछि मन के तार
कियो इजहार करय त ककरो भेटय इनकार
मुदा सत्य अछि ई जे करय छथि सभ प्यार
प्यार के नहिं करय छथि ओकर नाम कहू
प्यार नहिं होय जेतह ओ गाम कहू
प्यार सगरो अछि दुनिया में हमर बात बूझू
प्यार त देव स दानव तक मानव के की कहू
प्यार पार्वती कएली जा बैसली कैलाष
प्यार कृश्ण के नामी रचेलेन जे रास
प्यार पूजा छी जग में इष्क इबादत
मुमकिन होय जग में सब जगह मुहब्बत
प्यार के नहिं करय छथि ओकर नाम कहू - 2
गलती अछि एतेक हम्मर जे हम प्यार करी -2
अहूँ भरिसक ई मानि लेलौं
गलती अछि एतेक हम्मर जे हम प्यार करी
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी
हम्मर आत्मा जुड़ा दे गे हे गे गोरकी छउड़ी -2
अपन सजना बना ले गे हे गे गोरकी छउड़ी


(तर्ज - मुझे नौलखा मंगा दे रे ओ सैंया दिवाने)
आशिक ’राज’

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