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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

गीत

गे पसिनियॉ भौजी पिया दे कनीक ताड़ी गे — 4
एक लबनी ताड़ीकेँ  खातिर, किए  करे छें एना गे
तोहर हम परमामेन्ट ग्राहक , किए  करे छें एना गे — 2
काल्हि हम पाइ देबे करबो — 2 आई पिया दे उधारी गे
गे पसिनियॉ भौजी पिया दे कनीक ताड़ी गे —2
बिन ताड़ीकेँ  कोना हम जीयब , ताड़ी हमर जीवन छी
मानय हमर बात गे भौजी , ताड़ी हमर जीवन छी — 2
ताड़ी जौं नहिं पियैम आई त —2 भ जएतो मारामारी गे
गे पसिनियॉ भौजी पिया दे कनी के ताड़ी गे —2
गाछ बला जौं ताड़ी नहिं छउ , आखिसॅ पिया दे गे
पियासल हम छी जनम जनम के , आखिसॅ पिया दे गे
मिसिया भरि मुस्कान पर आशिक — 2 लिख देतौ घड़ारी गे
गे पसिनियॉ भौजी पिया दे कनी के ताड़ी गे — 4

नोट — हमर उद्धेश्य सिर्फ मनोरंजन अछि , कियो गोटे व्यक्तिगत नहिं लेति जौं किनको एतराज छन्हि त आदेश करी ई पोस्ट हटा देलि जायत । धन्यवाद

आशिक ' राज'

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