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जय मिथिला जय मैथिली

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रविवार, 5 मई 2013

अहाँक मैथिली बड्ड कमजोर अछि



अहाँक मैथिली बड्ड कमजोर अछि
धूरि बु-- कहीँक, हमर मैथिली बड़ कमजोर अछि | कमजोर की तागतवर केहनो अछि तँ, आ जकरा लग किछु छै हे नै | जे जिनगी भरि अंग्रेजी वा हिंदीक घड़ीघंटा बन्हने अपनो घुमैत रहैए आ दोसरोकेँ ओहे सिखाबैत रहैए ओकरासँ तँ नीक | रहल हमर खराप मैथिलीक गप्प तँ जखन जगदानंद मनु एहन लोक मैथिलीक मओ नै जनै वला आइ अ०आ० केँ पाँछा घुमि गजलक सेकड़ा टपि गेल | लोशन कुमार मैथिल म-थ म-थ करैत आइ मैथिल नाम राखि सभकेँ मैथिली सिखाबैए तखन तँ हमर कमजोरे अछि |”              

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