नील पट्टीकेँ क्लीक कए कs ब्लॉगक सदस्य बनल जाउ

जय मिथिला जय मैथिली

रचना मात्र मैथिलीमे आ स्वम् लिखित होबाक चाही। जँ कोनो अन्य रचनाकारक मैथिली रचना प्रकाशित करए चाहै छी तँ मूल रचनाकारक नाम आ अनुमति अवश्य होबाक चाही। बादमे कोनो तरहक बिबाद लेल ई ब्लॉग जिमेदार नहि होएत। बस अहाँकें jagdanandjha@gmail.com पर एकटा मेल करैकेँ अछि। हम अहाँकेँ अहाँक ब्लॉग पर लेखककेँ रूपमे आमन्त्रित कए देब। अहाँ मेल स्वीकार कएला बाद अपन, कविता, गीत, गजल, कथा, विहनि कथा, आलेख, निबन्ध, समाचार, यात्रासंस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्ध रचना, चित्रकारी आदि अपन हाथे स्वं प्रकाशित करए लागब।

बुधवार, 27 मार्च 2013

सबपर चढ़ल नशा

सबपर चढ़ल नशा

भूजल किछु माँउसक बुट्टी
ताहिपर छल भाँगक घुट्टी
आ भौजीक हाथ पिचकारी
लागै भेलै सब लाजक छुट्टी

संग सारि सेहो दस-दस टा
लेने रंग-अबीर भरि मुट्ठी
लागै दिनेमे देखै छी सपना
किओ काट आबि कऽ चुट्टी

कनियाँ जे रूपक प्रियगर
कोना खराप केलक ब्यूटी
रंग लाल-पियर-हरियर
देह संग राँगल छल जुट्टी

छल सार बनल अलबटहा
पी-पी कऽ शराबक घुट्टी
ने माए-बाप बुझै नै भैया
पकड़ि लै बाइजीक जुट्टी

सबपर चढ़ल फागक नशा
ककरो ऊपर ककरो तरघुसकी
हम खा कऽ खूब मलपूआ
बैसल मारै छी मुस्की

अमित मिश्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें