नील पट्टीकेँ क्लीक कए कs ब्लॉगक सदस्य बनल जाउ

जय मिथिला जय मैथिली

रचना मात्र मैथिलीमे आ स्वम् लिखित होबाक चाही। जँ कोनो अन्य रचनाकारक मैथिली रचना प्रकाशित करए चाहै छी तँ मूल रचनाकारक नाम आ अनुमति अवश्य होबाक चाही। बादमे कोनो तरहक बिबाद लेल ई ब्लॉग जिमेदार नहि होएत। बस अहाँकें jagdanandjha@gmail.com पर एकटा मेल करैकेँ अछि। हम अहाँकेँ अहाँक ब्लॉग पर लेखककेँ रूपमे आमन्त्रित कए देब। अहाँ मेल स्वीकार कएला बाद अपन, कविता, गीत, गजल, कथा, विहनि कथा, आलेख, निबन्ध, समाचार, यात्रासंस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्ध रचना, चित्रकारी आदि अपन हाथे स्वं प्रकाशित करए लागब।

शनिवार, 8 सितंबर 2012

गजल


चुप्प रहलासँ दुनियाँ नीक मानै छै
देख लिअ गाम घर शमसान लागै छै

घैल छै फूटल मुदा छै पानि के चिन्ता
देश तेँए सुखारक हाल जानै छै

आँपरेसन भऽ गेलै छोट सन घावक
चोट जकरा बहुत से हकन कानै छै

मोन मानै कहाँ छै जे अड़ल रहतै
घोषणा मदति के सुनि लोक फानै छै

जाड़ि देलक सभ ज्ञानसँ भरल पोथी
देखियौ "अमित" केहन समय आनै छै

फाइलातुन-मफाईलुन-मफाईलुन
2122-1222-1222
बहरे-मुशाकिल

अमित मिश्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें