नील पट्टीकेँ क्लीक कए कs ब्लॉगक सदस्य बनल जाउ

जय मिथिला जय मैथिली

रचना मात्र मैथिलीमे आ स्वम् लिखित होबाक चाही। जँ कोनो अन्य रचनाकारक मैथिली रचना प्रकाशित करए चाहै छी तँ मूल रचनाकारक नाम आ अनुमति अवश्य होबाक चाही। बादमे कोनो तरहक बिबाद लेल ई ब्लॉग जिमेदार नहि होएत। बस अहाँकें jagdanandjha@gmail.com पर एकटा मेल करैकेँ अछि। हम अहाँकेँ अहाँक ब्लॉग पर लेखककेँ रूपमे आमन्त्रित कए देब। अहाँ मेल स्वीकार कएला बाद अपन, कविता, गीत, गजल, कथा, विहनि कथा, आलेख, निबन्ध, समाचार, यात्रासंस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्ध रचना, चित्रकारी आदि अपन हाथे स्वं प्रकाशित करए लागब।

सोमवार, 27 अगस्त 2012

गजल


घर घरमे चक्कू पिजाबैत देखलौं
नेनाकेँ तमाकुल चूनाबैत देखलौं   

बेगरता निकालि कs आजुक घड़ीमे
नीक नीककेँ ठेंगा देखाबैत देखलौं

मोनक दोष मोनेमे नूका कs सबटा 
कपटसँ करेज लगाबैत  देखलौं

दियादक फसादमे अपने मोलमे 
घरमे धिया पुता नुकाबैत देखलौं 

पाईकेँ जमाना छै पाईकेँ हिसाबमे 
पानिमे मनुखता डुबाबैत देखलौं

नहि रहिगेल मोल प्रेम आ स्नेहकेँ 
प्रेमकेँ डबरामे बहाबैत   देखलौं

"मनु" मन कोमल सहि नहि सकलौं 
किए माएकेँ नोर खसाबैत देखलौं

(सरल वार्णिक बहर, वर्ण-१४)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें