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जय मिथिला जय मैथिली

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गुरुवार, 26 जुलाई 2012

मधुरगर टोन (Madhurgar Ton)

नाओं बियाहक सुनिते देरी लागल घटकक लाइन 
अही लगन में हमहूँ भंसितौ ज' बाबू जैतथि माइन

भोरे भोरे पहुँचिते दफ्तर कोनो सज्जन केला फोन 
कुशल-छेम अभिवादन केलियन्हि बना मधुरगर टोन
गाम ठाम सभ पूछि क' धड़ द' पूछि देलाह दरमाहा 
बिनु संकोचे सुना देलहुं हम साल भरिक बन्हलाहा
भेला प्रभावित वार्तालापे कहला प्रोफाइलो सुपरफाइन
अही लगन में हमहूँ भंसितौ ज' बाबू जैतथि माइन

बाबूजीक छन्हि मांग कते की से हम की बूझ' गेलियै  
पूछक हिम्मत कोना क' करबन्हि हम त' बच्चे भेलियै 
एतबा अछि विश्वास मोन में जे किछु करताह से नीके 
पुतोहु चुन' में कम्प्रोमाइज ने करता तखन डर कथीके 
बेटा बेच नै पाई कमेता चाहे देथिन्ह कियो कतबो गाइन
अही लगन में हमहूँ भंसितौ ज' बाबू जैतथि माइन

रंग बिरंगक कपड़ा पहिरी रोजे रोज छंटाबी कानी 
लोक कहय से क्रीम लगाबी जेकरहु नाम ने जानी 
सुन्नर कनियाँ भेटतीह हमरो देखी मोन में सपना 
सजतै जोड़ी चान-चकोरिक "बौआभाई" केर अंगना 
मोन छलय जे लेखक छी त' कनियाँ भेटथि गीतगाइन   
अही लगन में हमहूँ भंसितौ ज' बाबू जैतथि माइन

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