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जय मिथिला जय मैथिली

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रविवार, 6 मई 2012

हजल

भेल किछु बात एहन जे कना गेल हमरा
हरासंखनी कनियाँ माथ बथा गेल हमरा
ओना त छै अमावश्या सन कारी केश ओकर
मुदा ओहि मे फड़ल चोर पटा गेल हमरा
ओना नाम छै शांती मुदा घर छै माछक हाट
छ' टा बरदक पिलवान बना गेल हमरा
फोटूये देख परान उड़ि गेल छल हमर
से माँथ पर बंदूक राखि उड़ा गेल हमरा
सब दिन कहै यै जे प्यार नै करै छेँ हमरा
जँ भागौँ त' सौँसे देह दाँत गड़ा गेल हमरा
माइ के बजाबे भाइ के बजाबे सब दिन ओ
चाउर दालि आँटाक भाव बता गेल हमरा
भने फूलेसरा कुमारे रहि गेल भाइ सब
"अमित" ओ त' जीते जी श्राद्ध करा गेल हमरा
सरल वार्णिक बहर
वर्ण-17
अमित मिश्र

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