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जय मिथिला जय मैथिली

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मंगलवार, 6 मार्च 2012

गीत

गीत
होली मे राँगल धरती उड़ै छै अबीरीया // 2//
मोरा आंगना सून लागैए सून रे शरीरीया //२// १/2//
फगुआ कए धुन पर नाचै छै सगर गाम
रंगक बर्षा मे भिजै सब ठामे ठाम //२//२//
हर्ष रानी बैसल छथि सब कए दुअरीया //->१/२//
मोरा आंगना सून लागैए सून रे शरीरीया.....
नैका साड़ी पहिर रानी खेलै छै राजा संग
देखियौ आइ बुच्ची मस्त भेल जीजा संग //२//२//
ककरा संग खेलब होली पिया परदेशीया //->१/२//
मोरा आंगना सून लागैए सून रे शरीरीया....
मातल बसात बहै गाम स्वर्ग लागैए
हमरा लेल हमर जीवन नरक लागैए //२//२//
"अमित " जल्दी आबु छोड़ि क शहरीया//->१/२//
मोरा आंगना सून लागैए सून रे शरीरीया.....
होली मे राँगल धरती उड़ै छै अबीरीया ...
मोरा आंगना सून लागैए सून रे शरीरीया...
अमित मिश्र

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