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जय मिथिला जय मैथिली

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बुधवार, 21 मार्च 2012

मैथिली गीत

एगो बात छिए भौजी मोन में विचारे निरुपमा से नहिं हेतेह बियाह त मरि जएबे कुमारे सपना देखेय छी हम आब दिन के ... यै भौजी लगबु जोगार अहाँ अपना बहिन से जहिया से हम अहाँ के बहिन के देखलौं सुधि बुधि अपन भौजी सबटा बिसरलौं भ गेलेय प्यार हमरा अहाँ बहिन से यै भौजी लगबु जोगार अहाँ अपना बहिन से रुपया पैसा भीैजी किछुओ नहिं लेबेय ऊपर सॅ जेे माँगब सब किछु देबेय गहना हम आनि देबेय चुनि चुनि के यै भौजी लगबु जोगार अहाँ अपना बहिन से बात चलाबु भौजी बात बढ़ाबु अपना बहिन से हमर बियाह कराबु नहिं त खाई लेबे जहर किन के यै भौजी लगबु जोगार अहाँ अपना बहिन से एगो बात छिए भौजी मोन में विचारे निरुपमा से नहिं हेतेह बियाह त मरि जएबे कुमारे सपना देखेय छी हम आब दिन के यै भौजी लगबु जोगार अहाँ अपना बहिन से आशिक ’राज’

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