नील पट्टीकेँ क्लीक कए कs ब्लॉगक सदस्य बनल जाउ

जय मिथिला जय मैथिली

रचना मात्र मैथिलीमे आ स्वम् लिखित होबाक चाही। जँ कोनो अन्य रचनाकारक मैथिली रचना प्रकाशित करए चाहै छी तँ मूल रचनाकारक नाम आ अनुमति अवश्य होबाक चाही। बादमे कोनो तरहक बिबाद लेल ई ब्लॉग जिमेदार नहि होएत। बस अहाँकें jnjmanu@gmail.com पर एकटा मेल करैकेँ अछि। हम अहाँकेँ अहाँक ब्लॉग पर लेखककेँ रूपमे आमन्त्रित कए देब। अहाँ मेल स्वीकार कएला बाद अपन, कविता, गीत, गजल, कथा, विहनि कथा, आलेख, निबन्ध, समाचार, यात्रासंस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्ध रचना, चित्रकारी आदि अपन हाथे स्वं प्रकाशित करए लागब।

मंगलवार, 20 मार्च 2012

प्रवीन नारायण चौधरी जिक कविता -बेटी अहाँ विद्यालय जाउ!

भले जे हेतै बाद में देखबै - एखन अहाँ विद्यालय जाउ!
शिक्षा के शक्ति जगके जननी - अहुँ अपन अस्मिता बनाउ!
जुनि पिछड़ू कोनो विधामें पाछू - अस्तित्वक रक्षा-किला बनाउ!
बेटी अहाँ विद्यालय जाउ!

देखू आइ संसार में नारी - अग्रपाँति नेत्री बनि चलैथ!
जतय दहेजक चाप आ मारि - सैह समाज पिछड़ल छैथ!
शिक्षाके पूँजी सभसऽ बड़का - दहेज-दान के त्याग कराउ!
बेटी अहाँ विद्यालय जाउ!

भारतमें नारी छथि आगू - मिथिला बेसी पिछड़ल अछि!
बीति गेल देखू कते जमाना - गार्गी - भारती पड़ल अछि!
पुनः प्रीतिके रीति सऽ सभके - अपन दिव्य शक्तिके देखाउ!
बेटी अहाँ विद्यालय जाउ!

हरिः हरः!
प्रवीन नारायण चौधरी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें