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जय मिथिला जय मैथिली

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शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

खुश रहय के लेल अहांके हजार बहाना अछि ,
कलि स दोस्ती अहांके गुल स अहंक याराना अछि ,,

हमर ख़्वाब तू आसमान स उंच भ जो ,
हमरो आय अपन हौसला कनी आजमायक अछि ,,

साकी तू बस पियेने जो वजह नय पूछ पीये के ,
सबहक दर्द अपन अपन सबहक अपन अफसाना अछि ,,

एक चूक भेल की तोहर ऩजइर स उतैर गेलौ ,
ऐना छौ तोहर आएंख की अदब के पेमाना अछि ,,

ख़ामोशी तन्हाई नाकामी रुसवाई ,
'निशांत ' भेटलौ तोरा मोहबत के नजराना अछि ,,,,

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