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जय मिथिला जय मैथिली

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सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

गीत-4

भोलेबाबा हौ
खोलबअ केखन अपन द्वार ) -२

हम दुखिया जन्मे कए दुखल
एलहुँ तोहरे द्वार
भोलेबाबा हो - - - - - अपन द्वार

तन दुखिया अछि मन अछि दुखिया
दुखिए जन्म हमार
सुनि महिमां भोले एलहुँ तोरे द्वारे
करबअ केखन हमर उद्धार
भोलेबाबा हो - - - - - अपन द्वार

मुनलह तु अपन नयना
मुनलह हमर कपार
एलहुँ भटकैत,भटकैत तोरे द्वारे
मुनलह किएक अपन केबार

भोलेबाबा हो - - - - - अपन द्वार ) -२

***जगदानन्द झा 'मनु'

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