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जय मिथिला जय मैथिली

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गुरुवार, 12 जनवरी 2012

‎[एलखिन नवकि कनिया ]

एलखिन केहन देखू नवकि कनिया ,
मांथ पर नै आँचर पैर में नै पएजनिया,

आइंख में लागोने छथ वो करिया चश्मा,
काजरक आइंख में नै दरस बुझाबेयेन,

सिन्नुर क त गप छोइर दीआ ,
कनिको टा कपार पर में नै टिकुली,

अंग में नै वो पहिरने छथ साडी ,
कानो में नै छैन पहिरथ बाली ,

टुकुर-टुकुर कोना मुहं तके छथ ,
जेना छथ वो लड़की लन्दन वाली ,

जींस पेंट आ शर्ट पहिरने ,
लड़का सन छथ केश कटोने,

हाथ में देखू छथ मोबाइल दबोने ,
सास ससुर की वो सेवा करती ,
दूल्हा से अपन जे टहल करोती,

दूल्हा के समझथीन जेना नचनिया ,
एलखिन केहन नवकि कनिया ,

आइल छलो देखई लेल नवकि कनिया ,
अजगुत देखल अजबे अछि दुनिया ,

[रूबी झा

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