नील पट्टीकेँ क्लीक कए कs ब्लॉगक सदस्य बनल जाउ

जय मिथिला जय मैथिली

रचना मात्र मैथिलीमे आ स्वम् लिखित होबाक चाही। जँ कोनो अन्य रचनाकारक मैथिली रचना प्रकाशित करए चाहै छी तँ मूल रचनाकारक नाम आ अनुमति अवश्य होबाक चाही। बादमे कोनो तरहक बिबाद लेल ई ब्लॉग जिमेदार नहि होएत। बस अहाँकें jagdanandjha@gmail.com पर एकटा मेल करैकेँ अछि। हम अहाँकेँ अहाँक ब्लॉग पर लेखककेँ रूपमे आमन्त्रित कए देब। अहाँ मेल स्वीकार कएला बाद अपन, कविता, गीत, गजल, कथा, विहनि कथा, आलेख, निबन्ध, समाचार, यात्रासंस्मरण, मुक्तक, छन्दबद्ध रचना, चित्रकारी आदि अपन हाथे स्वं प्रकाशित करए लागब।

मंगलवार, 10 जनवरी 2012

‎''आब इ देश में''

आब देखु एही देश में ,
लाल कम लाला बेसी अछि ,
काम कम घोटाला बेसि अछि ,
आब देखू एही देश में ........!

सामान अछि बड़ कम,
महंगाई बेसी अछि ,
आब देखू एही देश में ........!

नोकरी अछि बड़ कम ,
बेरोजगारी कतेक बेसी अछि ,
आब देखू एही देश में ........!

ईमान कतेक कम अछि ,
खरीदारी कतेक बेसी अछि ,
आब देखू एही देश में .........!

सेवा अछि बड़ कम ,
स्वार्थ कतेक बेसी अछि ,
आब देखू एही देश में .......!

शब्द अछि बड़ कम ,
शब्दार्थ कतेक बेसी अछि ,
आब देखू एही देश में ........!

''रूबी झा''

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें